ज़िन्दगी नसीब से नहीं , ज़िद से चलती है
वोह रफ़्तार चाहते हो , जो मन में बसी हैं
तो ज़िन्दगी से ज़िद करो , क्यूंकि ज़िन्दगी
लक से नहीं , ज़िद से चलती हैं
कोशिश करो , कभी न कभी तो सफलता मिलती है,
जितनी बीत गयी उसका पता नहीं , पर अब जो बाकी है,
वोह बहुत बाकी हैं , क्यूंकि ज़िन्दगी की,
पलो में नहीं , जीए हुए लम्हों में गिनती हैं,
ज़िन्दगी नसीब से नहीं , ज़िद से बनती है !!
वोह सब कर सकते हो , जो मन मे ठानी थी कभी,
वोह सब पा सकते हो, जो बेमानी था कभी,
जिन लोगो ने पाया है , क्या उनकी झोली में आकर गिर गया,
क्या बिन मेहनत बिन परेशानी , उनको सब कुछ हाथो में मिल गया,
इतनी आसानी से तो, सिर्फ मौत ही मिलती है,
ज़िन्दगी नसीब से नहीं, ज़िद से बनती है
कुछ छूट भी गया इस कोशिश में , तो पूरा हो जायेगा,
कोई सपना देखा था तुम्हे , वह टूटा तो फिर बन जायेगा,
लोगो का तो सब कुछ टूट गया , फिर भी हस्ते है ,
अपनी बागडोर अपने हाथ में लेकर , ख़ुशी से चलते है,
जिसमे हिम्मत ना हो , वह शख्सियत सिर्फ बहने ही करती है,
सपने पुरे करने वालो की ज़िन्दगी तो ज़िद से चलती है
